सोरायसिस क्या है? आयुर्वेदिक के अनुसार सोरायसिस के लिए क्या फायेदेमंद होता है ?

Ayurvedic treatmentpsoriasis

सोरायसिस क्या है? आयुर्वेदिक के अनुसार सोरायसिस के लिए क्या फायेदेमंद होता है ?

  • September 15, 2021

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सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस (PSORIASIS) शरीर में तापमान के बढ़ने पे होता है और वात में सूखेपन के बढ़ने पे होता है और उसके बाद वह फैलने लग जाता है | Ayurvedic clinic in Ludhiana में जाकर आप होनी इस समस्या से निजाज़ पा सकते है और वो भी उस ट्रीटमेंट के साथ जिसके कोई भी साइड-इफेक्ट्स नहीं होते हैं | सबसे बेहतरीन Ayurvedic Doctor Punjab से सही समय पर सलहा लेकर आपकी स्थिति में सुधार आ सकता है | चलिए जानते हैं सोरायसिस के विभिन्न प्रकार क्या हैं :

सोरायसिस वल्गैरिस

सबसे आम सोरायसिस को सोरायसिस वल्गैरिस कहते हैं |

पाल्मो प्लांटर सोरायसिस

पाल्मो प्लांटर सोरायसिस यह तब होती है जब यह सिर्फ हाथो पे फैली होती है |

स्कैल्प सोरायसिस

स्कैल्प सोरायसिस तब होती है जब वह सिर की त्वचा पे होती है |

एरऐथ्रोदेरमा

एरऐथ्रोदेरमा उसे कहते है जब यह पुरे शरीर पर फैलने लग जाती है |

सोराइटिक अर्थराइटिस

सोराइटिक अर्थराइटिस उसको कहते हैं जब वह जोड़ों में नुक्सान होने लग जाता है |

पुस्तुलर सोरायसिस

पुस्तुलर सोरायसिस तब होता है जब पस और पानी से भरे दाने दिखने लग जाते हैं |

आर्वेदिक जड़ी बूटियां

जैसे की हम सब जानते है की आर्वेदिक जड़ी बूटियां बहुत सी बिमारियों में बहुत ही फायदेमंद हैं | सोरायसिस की स्थिति में भी बहुत सारी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां हैं जो बहुत ही लाभप्रद होती हैं | इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ऐसा संभव है की आपको 2 से 3 हफ्ते के निरंतर प्रयोग के बाद असर दिखना शुरू हो जाए | पर यह ध्यान रखे की आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही किसी जड़ी बूटि का इस्तेमाल करना चाहिए | कुछ आर्वेदिक जड़ी बूटियां निचे लिखी गई हैं :

  • करंजे का तेल
  • नीम
  • चंदन
  • हल्दी
  • यष्टिमधु
  • गिलोय
  • अदरक
  • रक्त चंदन और चंदन

शुद्ध घी का पान और स्वेदन बहुत जरूरी हेै

जब आप हल्का वय्याम करते हैं तो पसीना पैदा होता है और उससे विष को साफ करने में बहुत ही फैयदा होता है | गुनगुने पाने से नहाएं क्यूंकि उससे आम विष का शोधन होता है | इस समस्या में शरीर पर खुश्की होना बहुत ही आम बात है | इस समस्या में यह सही होगा की आप घी का इस्तेमाल करें | एक दिन में कम से कम 2-3 टेबलस्पून घी तक खाएं ।

आयुर्वेद के ग्रंथों सोरायसिस क्यों होता है ?

  • शराब पीना
  • मूली का अधिक मात्रा में सेवन करना
  • हरी पत्तियों का सेवन दूध के साथ करना
  • अत्यधिक गर्म और चटपटी चीजों का खाना
  • रागी और बाजरा को दूध दही और तेल के साथ अधिक मात्रा में खाना जिसको पचाने में मुश्किल होती है
  • भूख ना भी लग रही हो तो भी खाना बहुत ही ज़्यादा खाना
  • लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करना
  • मछलियों का सेवन अधिक मात्रा में दूध के साथ करना
  • पेट ख़राब होने पर भी खाना कहते रहना
  • फूड पॉइजनिंग बहुत अधिक होना
  • उबकाई को रोकना और सही वक्त पर टॉयलेट नहीं जा पाना

यदि आप इस समस्या से झूझ रहे है तो आप डॉक्टर से परामर्श करें और यह जान ले की आपकी स्थिति में सुधार कैसे आएगा |

Ayurvedic treatment

What are the topmost reasons that Ayurveda is better than allopathy?

  • September 11, 2021

  • 30 Views

All over the globe, different cultures are followed and the same goes for treating a health issue. It is all about relying on the best treatment plan to make yourself feel better. In addition, it is also about choosing a treatment that is free from any kind of side effects. This is where the Ayurvedic treatment is the most preferred choice by the patients and this is why their preference is given to consulting the best doctor at the Ayurvedic clinic in Ludhiana. If we compare it with the allopathic treatment then this holistic approach is preferred by the individuals to take care of their health.

Indeed! The Ayurvedic system is getting huge attention not only in India but in the entire world. In this blog, we have mentioned the reasons which tell that why people prefer to visit the best Ayurvedic Doctor Punjab as compared to the allopathic doctor.

Why Ayurveda is better than allopathy?

Reason 1: Focus of Treatment

When you consult the Ayurvedic doctor, he is going to focus on treating the problem from the root cause. By doing so, it makes it easier to address the problem correctly. With Ayurveda, the 5 great elements are focused upon so that your entire health is in the right place. With holistic wellness, it is made sure all the doshas are in balance. On the other hand, the allopathy treatment will just focus on addressing the symptoms.

Reason 2: Customized treatment approach

Even if 2 individuals are suffering from the same disease, there is no way that the Ayurvedic approach suggests giving the same treatment. Both the patients will be diagnosed individually and then accordingly the treatment is given. Whereas with Allopathy the 2 patients can be given the same treatment plan.

Reason 3: Natural and safe treatment

No there is no denying the fact that the allopathy treatment comes with side effects that can make it more difficult for the patient to feel themselves. On the other hand, with Allopathy treatment nothing harmful is used as every medicine has natural ingredients which are safe for human consumption.

Reason 4: Address your problem permanently

Who doesn’t want the permanent cure? With Ayurveda that is possible as it focuses on making your entire health better and also improves it from the core. With allopathy, the focus is just given to destroying the germs which means that there are high chances that the problem can occur again.

Reason 5: Best treatment for chronic disease

Ayurveda has been proven extremely effective in healing and managing health issues like jaundice, rheumatoid arthritis, piles, and many more. Whereas, with Ayurveda, there is difficult to give treatment for chronic diseases.

Reason 6: Affordable treatment

With ayurvedic medicine, you don’t have to bear the stress of paying a huge sum of money. Whereas when we talk about the allopathy medicine, then the case is totally different as the treatment is costly and when the medicine leaves side-effects then further you have to consult the doctor which means you have to spend more money.

So, consulting the best Ayurvedic doctor is worth every sense you can think of. Schedule your initial consultation with our expert Ayurvedic practitioner today only.