Get the best treatment for psoriasis at Dr. Vatsyayan’s Sanjivani Ayurvedshala

Ayurvedic treatmentpsoriasis

Get the best treatment for psoriasis at Dr. Vatsyayan’s Sanjivani Ayurvedshala

  • October 18, 2021

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Sanjivani Ayurvedshala: Best of care for Psoriasis

Psoriasis is categorized as an autoimmune problem. In this condition, scaly, and red patches are formed on the skin. The problem is termed a chronic condition and it is a non-infectious skin problem. Our Ayurvedic Doctor Punjab at Dr. Vatsyayan’s Sanjivani Ayurvedshala will give you the best care for your skin problem.

At our Ayurvedic clinic in Ludhiana, you will be given the treatment plan through the most effective approach which in turn will make your problem go away naturally and safely. Ayurvedic treatment has been in existence for a long time and its ever-increasing demand is the major reason which tells how effective and dependable solutions are given for psoriasis & many other health issues. Ayurveda has been there for more than centuries and its effectiveness can be judged through the same. The most dependable and effective solutions are available through Ayurveda.

What are the major causes behind psoriasis?

Some of the common factors which point to the reason behind psoriasis are:

  • Environmental factors
  • Side effects due to intake of certain medications
  • Taking excess stress
  • Lifestyle changes
  • The condition can be hereditary (Which means someone in your family might have it)

What are the major symptoms behind psoriasis?

The major symptoms behind psoriasis are mentioned below:

  • Your skin will start to farm red-colored patches
  • Scaly, itchy, and dry skin
  • Raised or thick skin patches
  • Joint inflammation will get painful
  • Nails start to become discolored

When you visit our Ayurvedic expert he will check all symptoms you are having and also make sure that on your end you inform the doctor when you started noticing the condition.

What is the Ayurvedic treatment for psoriasis?

The Ayurvedic treatment is highly effective in every way possible because of the way it treats the patients. The methodologies used in the Ayurvedic treatment are based on the approach that the root cause of the problem should be addressed. Doing so will make sure that the side effects are treated from the point where they started. Ayurveda believes that psoriasis is the condition when the body starts storing the toxins and there is the overriding effect of the Kapha, raktha, and Vata. Here are the most effective treatment options included in Ayurveda:

  • Shirovasti
  • Ointment application
  • Starting taking medicated ghee
  • Medicated steam bath
  • Oil massage
  • Powder massage
  • Dhara along with medicated buttermilk

Dr. Vatsyayan’s Sanjivani Ayurvedshala: Get the care like never seen before

Sanjivani Ayurvedshala is one of the best Ayurvedic clinics for individuals facing all sorts of health issues. Be it mild or chronic, the patients will get the best treatment plan to make their health issues addressed in the right manner. If you are diagnosed with the condition of psoriasis, or any other health issue, then schedule your initial consultation with our Ayurvedic practitioner to get an individualized treatment plan for your health. In case you have any concern in your mind then make sure to discuss them with the doctor right away.

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सोरायसिस क्या है? आयुर्वेदिक के अनुसार सोरायसिस के लिए क्या फायेदेमंद होता है ?

  • September 15, 2021

  • 397 Views

सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस (PSORIASIS) शरीर में तापमान के बढ़ने पे होता है और वात में सूखेपन के बढ़ने पे होता है और उसके बाद वह फैलने लग जाता है | Ayurvedic clinic in Ludhiana में जाकर आप होनी इस समस्या से निजाज़ पा सकते है और वो भी उस ट्रीटमेंट के साथ जिसके कोई भी साइड-इफेक्ट्स नहीं होते हैं | सबसे बेहतरीन Ayurvedic Doctor Punjab से सही समय पर सलहा लेकर आपकी स्थिति में सुधार आ सकता है | चलिए जानते हैं सोरायसिस के विभिन्न प्रकार क्या हैं :

सोरायसिस वल्गैरिस

सबसे आम सोरायसिस को सोरायसिस वल्गैरिस कहते हैं |

पाल्मो प्लांटर सोरायसिस

पाल्मो प्लांटर सोरायसिस यह तब होती है जब यह सिर्फ हाथो पे फैली होती है |

स्कैल्प सोरायसिस

स्कैल्प सोरायसिस तब होती है जब वह सिर की त्वचा पे होती है |

एरऐथ्रोदेरमा

एरऐथ्रोदेरमा उसे कहते है जब यह पुरे शरीर पर फैलने लग जाती है |

सोराइटिक अर्थराइटिस

सोराइटिक अर्थराइटिस उसको कहते हैं जब वह जोड़ों में नुक्सान होने लग जाता है |

पुस्तुलर सोरायसिस

पुस्तुलर सोरायसिस तब होता है जब पस और पानी से भरे दाने दिखने लग जाते हैं |

आर्वेदिक जड़ी बूटियां

जैसे की हम सब जानते है की आर्वेदिक जड़ी बूटियां बहुत सी बिमारियों में बहुत ही फायदेमंद हैं | सोरायसिस की स्थिति में भी बहुत सारी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां हैं जो बहुत ही लाभप्रद होती हैं | इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ऐसा संभव है की आपको 2 से 3 हफ्ते के निरंतर प्रयोग के बाद असर दिखना शुरू हो जाए | पर यह ध्यान रखे की आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही किसी जड़ी बूटि का इस्तेमाल करना चाहिए | कुछ आर्वेदिक जड़ी बूटियां निचे लिखी गई हैं :

  • करंजे का तेल
  • नीम
  • चंदन
  • हल्दी
  • यष्टिमधु
  • गिलोय
  • अदरक
  • रक्त चंदन और चंदन

शुद्ध घी का पान और स्वेदन बहुत जरूरी हेै

जब आप हल्का वय्याम करते हैं तो पसीना पैदा होता है और उससे विष को साफ करने में बहुत ही फैयदा होता है | गुनगुने पाने से नहाएं क्यूंकि उससे आम विष का शोधन होता है | इस समस्या में शरीर पर खुश्की होना बहुत ही आम बात है | इस समस्या में यह सही होगा की आप घी का इस्तेमाल करें | एक दिन में कम से कम 2-3 टेबलस्पून घी तक खाएं ।

आयुर्वेद के ग्रंथों सोरायसिस क्यों होता है ?

  • शराब पीना
  • मूली का अधिक मात्रा में सेवन करना
  • हरी पत्तियों का सेवन दूध के साथ करना
  • अत्यधिक गर्म और चटपटी चीजों का खाना
  • रागी और बाजरा को दूध दही और तेल के साथ अधिक मात्रा में खाना जिसको पचाने में मुश्किल होती है
  • भूख ना भी लग रही हो तो भी खाना बहुत ही ज़्यादा खाना
  • लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करना
  • मछलियों का सेवन अधिक मात्रा में दूध के साथ करना
  • पेट ख़राब होने पर भी खाना कहते रहना
  • फूड पॉइजनिंग बहुत अधिक होना
  • उबकाई को रोकना और सही वक्त पर टॉयलेट नहीं जा पाना

यदि आप इस समस्या से झूझ रहे है तो आप डॉक्टर से परामर्श करें और यह जान ले की आपकी स्थिति में सुधार कैसे आएगा |